
1. ईद का चाँद तुम ने देख लिया
चाँद की ईद हो गई होगी।।
~इदरीस आज़ाद
2. तुझ को मेरी न मुझे तेरी ख़बर जाएगी
ईद अब के भी दबे पाँव गुज़र जाएगी
~जफर इकबाल
3. ईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद का
ईद ही तो नाम है इक दूसरे की दीद का।
~अज्ञात
4. ईद का दिन है सो कमरे में पड़ा हूँ ‘असलम’
अपने दरवाज़े को बाहर से मुक़फ़्फ़ल कर के।
~ असलम
5. दिल से दिल ना मिला ईद हो गई
कोई गले भी ना मिला ईद हो गई
तुमने ही तो कहा था ईद ख़ुशी है
मुझे खुशी भी ना मिला ईद हो गई
दबे कुचले पांव से गुजर भी गई
मुझे पता भी नहीं चला ईद हो गई
~Kssiddiqui
6. उस मेहरबाँ नज़र की इनायत का शुक्रिया
तोहफ़ा दिया है ईद पे हम को जुदाई का
~ अज्ञात
7. ईद को भी वो नहीं मिलते हैं मुझ से न मिलें
इक बरस दिन की मुलाक़ात है ये भी न सही
~ शोला
8.बादबाँ नाज़ से लहरा के चली बाद-ए-मुराद
कारवाँ ईद मना क़ाफ़िला-सालार आया
~जोश मलीहाबादी
9. मिल के होती थी कभी ईद भी दीवाली भी
अब ये हालत है कि डर डर के गले मिलते हैं
~अज्ञात
10. ऐ हवा तू ही उसे ईद-मुबारक कहियो
और कहियो कि कोई याद किया करता है
~त्रिपुरारी
