मीर तकी मीर को विश्व का सबसे बड़ा शायर क्यों कहा जाता हैं? मिर्ज़ा ग़ालिब भी मीर तकी मीर के कायल थे।

मीर तकी मीर

उर्दू शायरी के सबसे बड़े शायर मीर तकी मीर जिन्हें ( खुदा-ए-सुखन ) शायरी का खुदा कहा जाता है। इनका असली नाम मोहम्मद तकी है इनका जन्म 1723 ईस्वी को आगरा में हुआ था। ये जब 12 वर्ष के थे तभी इनके वालिद का इंतकाल हो गया। मीर ने अपनी पूरी जिंदगी तंगहाली और मुफलिसी में गुजारी।

मीर तकी मीर के फेमस गजलें और शेर

बेमिसाल शायर लफ्ज़- ओ – मानी के जादूगर मीर तकी मीर के शायरी में ओ एहसास-ओ -सिद्दत कल्ब -वो -सुकून मिलता है पढ़ने के बाद।

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है
जाने न जाने गुल ही न जाने बाग़ तो सारा जाने है

लगने न दे बस हो तो उस के गौहर-ए-गोश को बाले तक
उस को फ़लक चश्म-ए-मह-ओ-ख़ुर की पुतली का तारा जाने है

आगे उस मुतकब्बिर के हम ख़ुदा ख़ुदा किया करते हैं
कब मौजूद ख़ुदा को वो मग़रूर-ए-ख़ुद-आरा जाने है

राह-ए-दूर-ए-इश्क़ में रोता है क्या
आगे आगे देखिए होता है क्या

नाज़ुकी उस के लब की क्या कहिए
पंखुड़ी इक गुलाब की सी है

क्या कहूँ तुम से मैं कि क्या है इश्क़
जान का रोग है बला है इश्क़

‘मीर’ बंदों से काम कब निकला
माँगना है जो कुछ ख़ुदा से माँग

मिर्ज़ा ग़ालिब से लेकर अन्य शायरों ने मीर के बारे में क्या कहा..

मिर्ज़ा ग़ालिब ने तो यहां तक कह दिया की

रेख़्ते के तुम्हीं उस्ताद नहीं हो ‘ग़ालिब’
कहते हैं अगले ज़माने में कोई ‘मीर’ भी था

नासिर काजमी ने तो यहां तक कह दिया..

शेर होते हैं मीर के नासिर लफ्ज़ बस दाएं बाएं करता है।

Published by The Seen News Network

Blogger, poet, writer and medicine experts

Leave a Reply

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free