
दोस्तों आप में से ऐसा कोई नहीं होगा जो सआदत हसन मंटो को ना जानता हो. इन्हें आप सब किसी न किसी तरीके से जानते ही होंगे चाहें बदनामी के वजह से या इनके नाम के वजह से । कहा जाता है की जिंदगी बड़ी नहीं कारनामे बड़े होने चाहिएं। देखा जाय तो मंटो का जिंदगी ज्यादा बड़ी नहीं थी महज़ 42 साल के उम्र में ही दुनियां छोड़ गए थे लेकिन इनकी कहानियों की उम्र हजारों साल जिंदा रहेगी। इन्होने ने जिस तरह से आपने कहानियों को लिखा हैं वो हुबहू समाज में सच्चाई देख कर लिखी थी .
अपने कहानियों के वजह से बदनाम लेखक कहें जाने लगे..
” ठंडा गोश्त” “काली सलवार” और “बू” जैसी कहानी लिखी जिससे इनके उपर औरतों का इज़्जत नीलाम करने और औरतों का इज्जत न करने का आरोप लगा और इनके उपर मुकदमें भी किए गए।
आइए जानते हैं इनके कुछ मशहूर लेख..
• औरत मर्द की मोहब्बत को हवस और अपनी हवस को हमेशा मोहब्बत समझती है।।
• मज़हब जब दिलों से निकलकर दिमाग़ पर चढ़ जाए तो ज़हर बन जाता है।।
• लीडर जब आँसू बहा कर लोगों से कहते हैं कि मज़हब ख़तरे में है तो इस में कोई हक़ीक़त नहीं होती। मज़हब ऐसी चीज़ ही नहीं कि ख़तरे में पड़ सके, अगर किसी बात का ख़तरा है तो वो लीडरों का है जो अपना उल्लू सीधा करने के लिए मज़हब को ख़तरे में डालते हैं।।
• दुनिया में जितनी लानतें हैं, भूक उनकी माँ है।।
• हिन्दुस्तान को उन लीडरों से बचाओ जो मुल्क की फ़िज़ा बिगाड़ रहे हैं और अवाम को गुमराह कर रहे हैं।।
• हर औरत वेश्या नहीं होती लेकिन हर वेश्या औरत होती है। इस बात को हमेशा याद रखना चाहिए।।
• जिस्म दाग़ा जा सकता है मगर रूह नहीं दाग़ी जा सकती।।
• वेश्या पैदा नहीं होती, बनाई जाती है, या ख़ुद बनती है।।
मैं सोचता हूँ अगर बंदर से इन्सान बन कर हम इतनी क़यामतें ढा सकते हैं, इस क़दर फ़ित्ने बरपा कर सकते हैं तो वापिस बंदर बन कर हम ख़ुदा मालूम क्या कुछ कर सकते हैं ?
अफ़्साना निगारी मेरा पेशा है, मैं इस के तमाम आदाब से वाक़िफ़ हूँ।।
