मौत पर कहीं गई शायरों की शायरी!

इस दुनियां में जो भी आयेगा या जो आया हैं उसे एक न एक दिन यहां से जाना पड़ेगा। इस दुनियां में मौत ही सबसे बड़ा सत्य हैं। और मौत से कोई नहीं बच सकता ।

इसी मौत पर कहीं गई शायरों की शायरी आइए जानते है ।

ये मौत तेरी आगोश में एक दिन खो जायेंगे । दो गज जमीं ओढ़कर हम भी सो जायेंगे । ~KS Siddiqui

आई होगी किसी को हिज्र में मौत
मुझ को तो नींद भी नहीं आती

~अकबर इलाहाबादी

मौत का एक दिन मुअय्यन है
नींद क्यूँ रात भर नहीं आती

~मिर्ज़ा गालिब

ज़माना बड़े शौक़ से सुन रहा था
हमीं सो गए दास्ताँ कहते कहते

~शाकिब लखनवी

मौत का भी इलाज हो शायद
ज़िंदगी का कोई इलाज नहीं

~फिराक गोरखपुरी

ज़िंदगी इक सवाल है जिस का जवाब मौत है
मौत भी इक सवाल है जिस का जवाब कुछ नहीं

~अम्र लखनवी

शुक्रिया ऐ क़ब्र तक पहुँचाने वालो शुक्रिया
अब अकेले ही चले जाएँगे इस मंज़िल से हम

~कमर जलालवी

Published by The Seen News Network

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