मीराजी के 7 गजलें और शेर ।

• नगरी नगरी फिरा मुसाफ़िर घर का रस्ता भूल गयाक्या है तेरा क्या है मेरा अपना पराया भूल गया क्या भूला कैसे भूला क्यूँ पूछते हो बस यूँ समझोकारन दोश नहीं है कोई भूला भाला भूल गया कैसे दिन थे कैसी रातें कैसी बातें घातें थींमन बालक है पहले प्यार का सुंदर सपना भूल गयाContinue reading “मीराजी के 7 गजलें और शेर ।”

जव्वाद शैख के 6 मशहूर गजलें और शेर।

अपने ताज़ा लबों– लहज़ा के मशहूर पाकिस्तानी शायर जव्वाद शैख जिनके शायरी हिंदुस्तान और पाकिस्तान में काफ़ी फेमस हैं । इनका जन्म 26 मई 1985 को सरगोंधा पाकिस्तान में हुआ था। ये अपने शायरी से लोगो के दिलों में अच्छा खासा अपना मकान बना लिया हैं। तो आइए जानते है इनके कुछ शेर। • कोईContinue reading “जव्वाद शैख के 6 मशहूर गजलें और शेर।”

दाग़ देलहवी उर्दू के लोकप्रिय शायर होने के साथ हुस्न के बड़े दीवाने भी थे।

दाग देलहवी: दाग देलहवी का असली नाम नवाब मिर्ज़ा ख़ान था इनका जन्म 25 मई 1831 को दिल्ली में हुआ था। इनके वालिद का नाम नवाब शमशुद्दीन था। जब देलहवी 4 साल के थे तो इनके वालिद को विलियम फ्रेजर के हत्या के आरोप में फांसी दे दिया गया था। दाग देलहवी ने 15 वर्षContinue reading “दाग़ देलहवी उर्दू के लोकप्रिय शायर होने के साथ हुस्न के बड़े दीवाने भी थे।”

मजरूह सुल्तानपुरी के 11 मशहूर ग़ज़ल और शेर।

दोस्तों मजरूह सुल्तानपुरी को कौन नहीं जानता बीसवीं शताब्दी के मशहूर शायर थे । बॉलीवुड में गाना लिखने से लेकर से लेकर इंकलाब तक के लिए जाने जाते हैं। आइए जानते हैं मजरूह सुल्तानपुरी के मशहूर 11 शेर। 1. जला के मिशअल-ए-जाँ हम जुनूँ-सिफ़ात चलेजो घर को आग लगाए हमारे साथ चले दयार-ए-शाम नहीं मंज़िल-ए-सहरContinue reading “मजरूह सुल्तानपुरी के 11 मशहूर ग़ज़ल और शेर।”

Majrooh Sultanpuri : मजरूह सुल्तानपुरी अपने इंकलाबी शायरी की वजह से कई साल जेल में बिताई।

उसके बाद मजरूह साहब को म्यूजिक सीखने का शौक चढ़ा तो उन्होंने एक म्यूजिक कॉलेज में एडमिशन ले लिए किंतु इनके पिता जी को ये अच्छा ना लगा । जिसके कारण उन्हें ये शौक भी छोड़ना पड़ा। उसके बाद मजरूह सुल्तानपुरी ने 1935 में शायरी शुरू कर दी इनका तरन्नुम बेहतरीन होने के कारण इनकोContinue reading “Majrooh Sultanpuri : मजरूह सुल्तानपुरी अपने इंकलाबी शायरी की वजह से कई साल जेल में बिताई।”

हफीज जौनपुरी के टॉप 10 शेर।

हफीज जौनपुरी : इनका असली नाम हफीज मोहम्मद अली था इनका जन्म 1865 में जौनपुर में हुआ था। ये बचपन से ही शायरी के शौकीन थे । अपनी ग़ज़ल “बैठ जाता हूँ जहाँ छाँव घनी होती हैहाए क्या चीज़ ग़रीब-उल-वतनी होती है” के लिए जाने जाते हैं। आइए जानते हैं इनके 10 बड़े शेर •Continue reading “हफीज जौनपुरी के टॉप 10 शेर।”

शाद अज़ीमाबादी उर्दू ग़ज़ल के त्रिमूर्ति क्यों कहें जाते हैं ?

शाद अज़ीमाबादी : उर्दू ग़ज़ल के वह चमकते सितारे हैं जिसे उर्दू ग़ज़ल का त्रिमूर्ति कहा जाता हैं । त्रिमूर्ति का मतलब ये है कि मीर तकी मीर, मिर्ज़ा गालिब और शाद अज़ीमाबादी यानि इन तीनों से मिलकर त्रिमूर्ति बनता हैं। इनका जन्म 1846 में अजीमाबाद ( पटना) में रईस खानदान में हुआ था। इनकाContinue reading “शाद अज़ीमाबादी उर्दू ग़ज़ल के त्रिमूर्ति क्यों कहें जाते हैं ?”

अनीश मुईन: महज़ 27 साल की उम्र में दुनियां की हक़ीक़त समझने वाला शायर ने क्यों की खुदकुशी? अपने सुसाइड नोट में क्या लिखा?

पाकिस्तान के मशहूर शायर अनीश मुईन जिन्होंने कम उम्र में ही शायरी की दुनियां में अपना नाम कमा लिया था। जब ये माइक पर ग़ज़ल पढ़ने आते थे तो लोगो की तालियां रुकने का नाम ही नही लेती थी। ये भी उनका शुक्रिया अदा करते नही थकते थे। इनकी गजलें हालिया जिंदगी की तर्जुमानी करतीContinue reading “अनीश मुईन: महज़ 27 साल की उम्र में दुनियां की हक़ीक़त समझने वाला शायर ने क्यों की खुदकुशी? अपने सुसाइड नोट में क्या लिखा?”

Death anniversary: उबैदुल्लाह अलीम के 10 शेर।

• अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाएअब इस क़दर भी न चाहो कि दम निकल जाए • आँख से दूर सही दिल से कहाँ जाएगाजाने वाले तू हमें याद बहुत आएगा • हवा के दोश पे रक्खे हुए चराग़ हैं हमजो बुझ गए तो हवा से शिकायतें कैसी • ख़्वाब ही ख़्वाब कबContinue reading “Death anniversary: उबैदुल्लाह अलीम के 10 शेर।”

चांद पर कहें गए शायरों के शेर.!

चांद एक ऐसा चीज है जो हर खूबसूरत चीजों में फिट बैठता है. और हर खूबसूरत चीजों का तुलना चांद से किया जाता है। महबूबा का हुस्न हों या मां का चेहरा हमेशा चांद की तरह चमकता रहता हैं। इन्हीं चीजों को शायरों ने अपने कलम से बखूबी उतरने की कोशिश की । आईए जानतेContinue reading “चांद पर कहें गए शायरों के शेर.!”

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